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विशेषण - सम्पूर्ण नोट्स ( हिन्दी व्याकरण )

विशेषण - सम्पूर्ण नोट्स ( हिन्दी व्याकरण )

संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं। विशेषण एक विकारी शब्द है। जिस शब्द के साथ विशेषण का प्रयोग यह किया जाता हैं उसके अर्थ को सीमित या कम कर देता है। विशेषण का प्रयोग सकारात्मक या नकारात्मक दोनों रुपों में किया जाता हैं। विशेषण जिज्ञाषाओं को शांत करने में भी काम आता हैं।
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संज्ञा और संज्ञा के भेद ( हिन्दी व्याकरण )

संज्ञा और संज्ञा के भेद ( हिन्दी व्याकरण )

किसी वस्तु, व्यक्ति या स्थान के नाम को संज्ञा कहते हैं। संज्ञा एक विकारी शब्द है। यहाँ विकार का अर्थ परिवर्तन या बदलाव से है। संज्ञा मे यह परिवर्तन या बदलाव लिंग, वचन, तथा कारक के अनुसार होता हैं।
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वर्तनी ( हिन्दी व्याकरण )

वर्तनी ( हिन्दी व्याकरण )

वर्तनी का अर्थ है- वर्ण विन्यास किसी भाषा का कोई सार्थक शब्द जिस वर्णानुक्रम में लिखा जाता हैं उसे वर्तनी कहते हैं वर्तनी को अंग्रेजी में Spelling तथा उर्दू में हिज्जे के नाम से जाना जाता हैं।
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संधि की परिभाषा, भेद और उदाहरण सम्पूर्ण नोट्स

संधि की परिभाषा, भेद और उदाहरण सम्पूर्ण नोट्स

दो वर्णों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को संधि कहते हैं। यहाँ विकार का अर्थ- परिवर्तन/बदलाव  से हैं। संधि में यह परिवर्तन या बदलाव वर्णों में होता हैं।
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समास - परिभाषा, भेद और उदाहरण

समास - परिभाषा, भेद और उदाहरण

समास दो या दो से अधिक शब्दों के संक्षिप्त रूप से एक शब्द बनाने की प्रक्रिया को कहते हैं। इस प्रक्रिया में मूल शब्दों के विभक्ति-चिह्न (वचन, कारक आदि) का लोप हो जाता है और एक नया शब्द बनता है। समास से बने शब्द को समस्त पद कहते हैं।
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हिंदी व्याकरण, वर्णमाला, स्वर, व्यंजन सम्पूर्ण जानकारी !

हिंदी व्याकरण, वर्णमाला, स्वर, व्यंजन सम्पूर्ण जानकारी !

वर्णों के व्यवस्थित या क्रमबद्ध समूह को वर्णमाला कहते है। वर्ण- ध्वनियों के लिखित रुप को वर्ण कहते हैं।    हिन्दी में मूलतः वर्णों की संख्या 52 है { 11 स्वर+2 अयोगवाह+33 व्यंजन+4 संयुक्त व्यंजन+2 द्विगुण व्यंजन } इसे दो भागो मे बाँटा गया हैं
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